भारत का सबसे बड़ा राज्य कौन सा है? जानिए इसकी भूगोलिक स्थिति और महत्वपूर्ण तथ्य!

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वर्तमान में, भारत एक संघीय राज्य है जिसमें कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं. भारत 36 राज्यों से मिलकर बना एक संघीय राज्य है. इस लेख मे हम विस्तार से जानेंगे भारत का सबसे बड़ा राज्य कौन सा है (Bharat Ka Sabse Bada Rajya) और उसके कितने और कौनसे जिले है.

भारत का सबसे बड़ा राज्य कौन सा है?

राजस्थान यह राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य (Bharat Ka Sabse Bada Rajya) है. इस राज्य का औसत क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है. इस राज्य के भूमि मे बोहोत से राजाओने राज किया है उस कारण इस राज्य को “राजाओ की भूमि” से भी जाना जाता है. इस राज्य मे बोहोत सारे किले, झील, पुरानी हवेलिया, पुराने मंदिर इन जैसे ऐतिहासिक हमे देखने को मिलते है.

राजस्थान के जिले

वैसे तो राजस्थान मे पुराने ३३ जिले है, हाल ही में राज्य सरकार ने नए जिलों की सूची में 17 और नए जिलों की घोषणा की है. इस पर अमल जारी है और पुराने और नए मिलाकर राजस्थान में कुल 50 जिले हैं. नीचे हम विस्तार से इसके कई जिलहोके बारेमे जानेंगे.

अजमेर

इस राजस्थान के जिले में कुल 9 तहसील हैं और इस जिले का कुल क्षेत्रफल 8841 वर्ग किमी यानी (3414 वर्ग मील) है. 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 25,84,913 थी. ऐतिहासिक रूप से अजमेर एक महत्वपूर्ण जिला माना जाता है. यहां अजमेर शरीफ दरगाह है जो ख्वाजा मुईन-उद-दीन चिश्ती का मुख्य निवास स्थान है और दुनिया भर से लाखों मुसलमान इस दरगाह पर दर्शन करने आते हैं. इसके अलावा, जैनियों का पूजा स्थल सुवर्ण जैन मंदिर भी यहीं स्थित है. अजमेर शहर अजमेर जिले का मुख्यालय है और इस जिले में हिंदू, मुस्लिम, जैन और अन्य समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं.

जयपुर

जयपुर को राजस्थान की राजधानी के रूप में सम्मानित किया गया है. जयपुर एक ऐसा जिला है जो दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है. प्रसिद्ध गुलाबी शहर जयपुर इसी जिले में स्थित है जयपुर को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में स्थान मिला है. इस जिले का क्षेत्रफल 11,152 वर्ग किमी है और 2011 में हुई जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 6626178 थी.

कोटा

राजस्थान का और एक और ऐतिहासिक जिला कोटा. इस जिले का प्रशासनिक केंद्र कोटा शहर में स्थित है और इस जिले का औसत क्षेत्रफल 5,217 वर्ग किमी (2,014 वर्ग मील) है. 2011 की जनगणना के अनुसार, कोटा जिले में इसकी जनसंख्या 19,50,491 थी. कोटा जिले की एक और विशिष्ट विशेषता यह है कि इस जिले का कोटा शहर देश का 46 वां सबसे बड़ा शहर है.

उदयपुर

1559 में मेवाड़ संस्थान के महाराजा उदय सिंह ने उदयपुर को सम्मानित किया था. ब्रिटिश शासन के दौरान इस जिले से कई आंदोलन उठे. उदयपुर जिले का मुख्यालय उदयपुर में है और इस शहर को झीलों के शहर के रूप में भी जाना जाता है. इस जिले का औसत क्षेत्रफल 11,630 वर्ग किमी (4,490 वर्ग मील) है. 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 30,67,549 थी.

चित्तौड़गढ़

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिला भारत के इतिहास में एक सम्मानजनक स्थान रखता है क्योंकि यह मेवाड़ राज्य की राजधानी थी और महाराणा प्रताप इस जिले के राजा थे. इस जिले का मुख्यालय चित्तौड़गढ़ शहर में स्थित है. इस जिले का औसत क्षेत्रफल 1०,८५६ वर्ग किमी (4,१९२ वर्ग मील) है और 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 15,44,392 थी.

बीकानेर

बीकानेर को पहले जांगलदेश के नाम से जाना जाता था. यह क्षेत्र एक रेगिस्तानी इलाके में स्थित है. राजपूत राठौड़ वंश के राव बीका ने 1488 में बीकानेर शहर की स्थापना की थी. बीकानेर शहर बीकानेर जिले का प्रशासनिक केंद्र है. 30,139 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाला यह जिला पाकिस्तान सीमा पर स्थित है. 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 23,67,745 थी. हिंदी और राजस्थानी यहां बोली जाने वाली दो प्रमुख भाषाएं हैं.

भरतपुर

इस भरतपुर की स्थापना श्री राम के भाई भरत के नाम पर हुई थी. इस जिले का मुख्यालय भरतपुर शहर में स्तिथ है. भरतपुर जिला 5,066 वर्ग किमी (1,956 वर्ग मील) में फैला हुआ है. 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की कुल जनसंख्या 25,49,121 थी. इसके अलावा भरतपुर मे पक्षी अभयारण्य एक विश्व स्तरीय राष्ट्रीय उद्यान है और सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षी यहाँ आते हैं.

धौलपुर

धौलपुर जिला 3,084 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है और इस क्षेत्र से बहने वाली चंबल नदी के कारण यहां के अधिकांश लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है. यह जिला मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों के मध्य में स्थित है. धौलपुर शहर इस जिले का मुख्यालय है और 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 1,26,142 थी.

जोधपुर

जोधपुर राजस्थान का एक ऐतिहासिक विरासत वाला जिला है. जोधपुर जिले का प्रशासनिक कार्यालय जोधपुर शहर में स्थित है और इस शहर को ब्लू सिटी भी कहा जाता है क्योंकि यहां के अधिकांश घरों को धूप से बचाने के लिए नीले रंग से रंगा जाता है. यह शहर पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बना है. जोधपुर जिला 22,850 वर्ग किमी (8,820 वर्ग मील) क्षेत्र में फैला है और 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की कुल जनसंख्या 36,85,681 थी. 

पाली

पाली जिला कभी राजपूतों की राजधानी थी. इस जिले का मुख्यालय पाली शहर में स्थित है, जो सूती कपड़ों के लिए प्रसिद्ध माना जाता है. यहां कई कपडों कि मिलें स्थित हैं और इस जिले का क्षेत्रफल 12,387 वर्ग किमी है. 2011 की जनगणना के अनुसार, जनसंख्या 20,38,533 थी.

जैसलमेर

जैसलमेर जिला नक्षीदार हवेलियों, प्राचीन जैन मंदिरों, यात्रा के लिए विश्व प्रसिद्ध है. यह जिला राजस्थान का सबसे बड़ा जिला है. यह जिला लगभग 38,401 वर्ग किमी (14,827 वर्ग मील) क्षेत्र में फैला है और 2011 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 6,72,008 थी. जिले का अधिकांश भाग रेगिस्तानी क्षेत्र है.

प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ राजस्थान राज्य का 33वाँ जिला है. हालाँकि इस जिले का उदय वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन प्राचीन काल से ही इस जिले का एक विशिष्ट सामान्य महत्व है. इस जिले का प्रशासनिक केंद्र प्रतापगढ़ में स्थित है और इस जिले का क्षेत्रफल है 4,117.4 वर्ग किमी. और 2011 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 8,67,848 थी. यह जिला उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा यह तीन जिलों हिस्सा है.

बारां

पहले बारां जिला कोटा जिले के एक भाग के रूप में जाना जाता था. बाद में राजस्थान सरकार ने कोटा और बारां दो अलग-अलग जिले बनाए. यहां के किले, मंदिर और प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक है. यह जिला 6,992 वर्ग किमी (2,700 वर्ग मील) में फैला हुआ है. 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 12,23,921 थी.

श्रीगंगानगर

बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह के नाम पर इस जिले का नाम गंगानगर रखा गया है. इस जिले की स्थापना 26 अक्टूबर 1927 को हुई थी. इस जिले की मुख्य भाषा हिंदी है. इस जिले का कुल क्षेत्रफल 225 किमी वर्ग (87 वर्ग मील) है. 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 237,780 थी. यह जिला बीकानेर के एक भाग के रूप में जाना जाता था. गंगानगर भारत के सुनियोजित आधुनिक शहरों में से एक है.

बूंदी

बूंदी जिला 5,550 वर्ग किमी (2,140 वर्ग मील) में फैला हुआ जिला है. इस जिले की कुल जनसंख्या 2011 में 11,13,725 थी. यह जिला कोटा डिवीजन का एक हिस्सा है. अतीत में, इस जिले में जादातर स्थानीय आदिवासी लोग रहते थे. बूंदी में किला और महल के साथ-साथ झील भी यहां का खास आकर्षण है और पर्यटक लगातार यहां घूमने आते रहते हैं.

बाड़मेर

बाडमेर जिला 28,387 वर्ग किमी में फैला हुआ है. इस जिले की कुल जनसंख्या 2011 में 26,04,453 थी. बाड़मेर जिला भारत के सबसे बड़े जिलों में से एक है. ऐसा कहा जाता है कि इस प्रांत की स्थापना तेरहवीं शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी और जिले का नाम बाड़मेर के संस्थापक राजा बड़ राव परमार के नाम पर रखा गया था.

दौसा

दौसा जिला राजस्थान में स्थित है और इसका मुख्यालय दौसा शहर में है. इस जिले को स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है. दौसा जिले की स्थापना 10 अप्रैल 1991 को हुई थी. इस जिले के लोग आजीविका के साधन के रूप में कृषि करते हैं. यह जिला ३432 किमी वर्ग (1,325 वर्ग मील) में फैला हुआ है. इस जिले की कुल जनसंख्या 2011 में 1,634,409 थी.

चुरू

चूरू जिले की स्थापना 1620 में हुई थी. इस जिले को हवेलियों का जिला कहा जाता है. इस जिले का क्षेत्रफल 148 प्रति वर्ग किमी (380 वर्ग मील) है और 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 20,41,172 थी. इस जिले मे बागड़ और हिंदी भाषी लोग रहते हैं. चूरू शहर चूरू जिले का मुख्यालय है.

हनुमानगढ़

हनुमान गढ़ राजस्थान का एक जिला है जो दिल्ली से लगभग 500 किमी दूर है. इस जिले का आकर्षण इसकी ऐतिहासिक मंदिर विरासत है. यह जिला अपने भव्य मंदिरों और किलों के लिए प्रसिद्ध है. बीकानेर के राजा सूरज शाह ने भगवान हनुमानजी की याद में इस जिले का नाम हनुमान गढ़ रखा. इस जिले का कुल क्षेत्रफल 12,645 वर्ग है किमी (4,882 वर्ग मील) और 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 17,79,650 थी.

सवाई माधोपुर

वर्ष 1763 में जयपुर के राजा माधो सिंह पाहा के नाम पर इस जिले का नाम सवाई माधोपुर रखा गया था. यहां का रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान न केवल विश्व प्रसिद्ध माना जाता है बल्कि यह जिला अपने मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है. सवाई माधोपुर 4,498 किमी फैला हुआ है. 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 1,335,551 थी.

डूंगरपुर

इस प्रांत की स्थापना वर्ष 1358 में हुई थी. राजा डूंगर सिंह के नाम पर इस जिले का नाम डूंगरपुर रखा गया था. इस जिले में मुख्य रूप से राजस्थानी, हिंदी और स्थानीय भाषा वागड़ी बोली जाती है. इस जिले का क्षेत्रफल 3,770 वर्ग किमी है. 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 1,388,552 थी.

टोंक

टोंक जिला 7,194 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है. इस जिले का इतिहास महाभारत में मिलता है. महाभारत में इस जिले को संवाद लक्ष्य के नाम से जाना जाता था. टोक अपने मंदिरों, मस्जिदों, कोठी, बावड़ियों के लिए प्रसिद्ध है जो कि यहां आकर्षण का विशेष केंद्र है. यहां हिंदी और राजस्थानी के साथ-साथ नागर चोल, चौरासी, ढूंढ़ाडी जैसी स्थानीय लोगों की भाषाएं बोली जाती हैं. इस राज्य मे हुंडी समुदाय के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय भी बहुसंख्यक है. 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 1,421,326 थी.

सिरोही

देखा जाए तो सिरोही जिले का इतिहास बहुत प्राचीन है, इसका कारण सिरोही जिले में पुराने हिंदू मंदिर और पूजा स्थल हैं. इस स्थान को राजस्थान मे शिमला के स्वरूप मे देखा जाता है. 5,136 वर्ग किमी में फैले इस जिले की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 1,036,346 थी.

जालौर

जालौर जिले को पहले जबलीपुरा के नाम से जाना जाता था, इस प्रांत का नाम भारत के एक महान संत जबाली के नाम पर रखा गया था. अब यह जिला जालोर के नाम से जाना जाता है. जालोर जिले का मुख्यालय जालोर शहर में स्थित है. जालोर जिले का क्षेत्रफल 10,640 वर्ग किमी (4,110 वर्ग मील) है और 2011 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 18,30,151 थी. यहां स्थित जालौर किला और सुंधामाता मंदिर पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं.

झुंझुनू

झुंझुनू जिला जयपुर से 180 किमी दूर है. जुझार सिंह नेहरा नामक एक जाट व्यक्ति की याद में इस जिले का नाम झुंझुनू रखा गया था. इसका मुख्यालय झुंझुनू शहर में है. इस जिले के स्थानीय लोग हरियाणवी, शेखावाटी, हिंदी बोलते हैं. यह जिला अपनी बड़ी हवेलियों और दीवार चित्रों के लिए प्रसिद्ध है. जिले की जनसंख्या 1,18,473 थी. इस जिले का क्षेत्रफल 5,928 वर्ग किमी है.

राजसमंद

यह जिला अरावली पर्वत श्रृंखला के मध्य में स्थित है और 17वीं शताब्दी में मेवाड़ के महाराज राणा राज सिंह द्वारा बनवाई गई एक झील के नाम पर इस जिले का नाम राजसमंद रखा गया था. 1991 में उदयपुर के कुछ हिस्सों को अलग करके इस जिले की स्थापना की गई थी. 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 11,56,597 थी. यह जिला 4,768 वर्ग किमी में फैला हुआ है. हल्दी घाटी इस जिले का ऐतिहासिक स्थल है. इसके अलावा राजसमंद जिले में कई मंदिर और किले भी हैं.

नागौर

नागौर जिला संगमरमर (Marble) के लिए प्रसिद्ध है. ऐसा कहा जाता है कि शाहजहाँ ने अपनी प्रिय पत्नी मुमताज की याद में जो ताज महल बनवाया था, उसके लिए संगमरमर यहीं से ले जाया गया था. भारत के अधिकांश ऐतिहासिक मंदिरों में इस्तेमाल किया जाने वाला संगमरमर यहीं से लिया गया था. इस बात के भी प्रमाण हैं कि प्राचीन काल में नागौर को अहिछत्रपुर कहा जाता था. यहां के स्थानीय लोग राजस्थानी मारवाड़ी और गुजराती भाषी हैं. यह जिला 17,718 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है और 2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 3,307,743 थी.

सीकर

1687 में राव दौलत सिंह ने सीकर प्रांत की स्थापना की. इस जिले के किले और पुरानी हवेलियाँ मुख्य आकर्षण हैं. यह जिला विश्व प्रसिद्ध खाटू शाम मंदिर के लिए जाना जाता है. 7,742 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाला यह जिला दूर-दूर तक फैला हुआ है. 2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 2,677,333 थी.

करोली

करोली चारों और पहाड़ी घाटियों से घिरा एक जिला है. यह जिला 5,043 वर्ग किमी चौड़ा है. 2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार, करोली की जनसंख्या 1,458,248 थी. महाराजा अर्जुनपाल ने 1348 में करोली की स्थापना की थी. करोली को देश का सबसे पवित्र स्थानोमे से एक माना जाता है क्योंकि यहां विभिन्न देवी-देवताओं के कुल 300 मंदिर हैं. लाख की चूड़ियाँ और लकड़ियोनके खिलौने का काम इस जिले का मुख्य व्यवसाय है.

झालावाड़

6,928 वर्ग किमी (2,675 वर्ग मील) के विशाल क्षेत्र में फैले इस राज्य की जनसंख्या 2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार 14,11,327 थी. झालावाड़ जिले में कई ऐतिहासिक मंदिर हैं और इसमें कुल 7 तालुका और 1488 छोटे बड़े गाँव हैं. काली सिंध नदी इस जिले से होकर बहती है. हिंदी और राजस्थानी इस जिले की प्रमुख भाषाएँ हैं.

अलवर

अलवर राजस्थान का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला है. यह जिला 8,380 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है. अलवर में १२ तहसीलें और लगभग 2,021 गांव हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 36,74,179 थी. यह जिले का संबंध महाभारत से है. इस प्रांत की स्थापना राव राजा प्रताप सिंह ने की थी. अलवर जिला अपने किलों, महलों और शांत झीलों के लिए प्रसिद्ध है.

बांसवाड़ा

यह जिला राजस्थान के 5,037 वर्ग किमी (1,945 वर्ग मील) क्षेत्र मे फैला हुआ है. इस क्षेत्र में बांसवाड़ा राज्य के अस्तित्व के कई सबूत हैं, इसलिए इस जिले को बांसवाड़ा जिले के रूप में जाना जाने लगा. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 17,97,485 थी. इस जिले मे राजस्थानी और हिंदी स्थानीय भाषाएँ बोली जाती हैं.

ब्यावर

इस जिले का क्षेत्रफल 10,455 किमी है. 2011 में हुई भारतीय जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसंख्या 2,408,523 थी. हिंदी और मारवाड़ी यहां की दो लोकप्रिय भाषाएं हैं. यह राजस्थान में कृषि उत्पादों और कपड़ा व्यवसाय का एक प्रमुख केंद्र है और इस जिले में 7 तहसीलें और 770 गाँव हैं.

सारांश

आज इस लेख में हमने भारत का सबसे बड़ा राज्य कौन सा है, इस राज्य के जिले, उनका इतिहास और उनका भौगोलिक वातावरण, साथ ही प्रत्येक जिले के प्रसिद्ध स्थान, व्यवसाय, कला और वास्तुकला के बारे में जानकारी देखी. अगर आपको यह जानकारी पसंद आए तो आप इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं. यदि आपका कोई सुझाव है तो कृपया हमें कमेंट के माध्यम से बताएं या आप हमें हमारी मेल आईडी पर मेल कर सकते हैं.

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FAQ’s

  • राजस्थान का पहला जिला कौन सा है?

    राजस्थान के पुनर्गठन के बाद, धौलपुर ने पहले जिले के रूप में अपनी पहचान बनाई. यह जिला 3,084 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है और यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों के मध्य में स्थित है.

  • राजस्थान में कुल जिलों की संख्या कितनी है?

    राजस्थान में अधिकृत ३३ जिले हैं, लेकिन हाल ही में सरकार ने १७ नए जिलों की घोषणा की है. इससे अब राजस्थान में कुल ५० जिले होंगे.

  • राजस्थान में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला कौन सा है?

    क्षेत्रफल की दृष्टि से धौलपुर जिला राजस्थान का सबसे छोटा जिला है. इस जिले का क्षेत्रफल 3,084 वर्ग किमी क्षेत्र है.

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